जगदलपुर, 07 नवंबर । निगम क्षेत्र अंतर्गत संजय मार्केट मार्ग में शनिवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई। स्थानीय व्यापारियों ने ग्रामीण इलाकों से आए छोटे दुकानदारों द्वारा सड़क के बीचो-बीच दुकान लगाने का विरोध किया। इस विरोध के कारण कुछ समय के लिए मुख्य मार्ग पर आवाजाही प्रभावित रहा।
शहर के स्थायी दुकानदारों का कहना है कि सड़क के बीचो-बीच दुकानें लगाए जाने से न केवल यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है, बल्कि आम खरीदार (ग्राहक) उनकी दुकानों तक पहुंच ही नहीं पाते हैं। व्यापारियों का आरोप है कि दुकान के सामने ही अन्य दुकानें लग जाने से उनका व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित होता है। उनका कहना है कि निगम को इन अस्थायी विक्रेताओं के लिए कोई पूर्व निर्धारित जगह तय करनी चाहिए, ताकि मुख्य मार्ग बाधित न हो।
वहीं दूसरी ओर, आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए छोटे दुकानदारों और फुटकर विक्रेताओं का कहना है कि वे किसी मंशा से यातायात बाधित नहीं करना चाहते है। वे साल में सिर्फ एक या दो बार विशेष अवसरों पर ही अपनी छोटी दुकानें लगाने शहर आते हैं, जिससे उनका और उनके परिवार का गुजारा चलता है। छोटे दुकानदारों का कहना है कि यदि उन्हें कोई निश्चित और उपयुक्त स्थान दिया जाए, तो वे वहीं अपनी दुकान लगाने को तैयार हैं, लेकिन ऐन वक्त पर कार्रवाई या विरोध से उनकी रोजी-रोटी पर संकट आ जाता है।
इस पूरे घटनाक्रम में नगर निगम प्रशासन की ढिलाई और कार्यप्रणाली की कमी साफ झलक रही है, हर साल इस प्रकार के अवसरों पर ग्रामीण क्षेत्रों से विक्रेताओं का आगमन तय रहता है। इसके बावजूद निगम प्रशासन द्वारा न तो पहले से कोई वेंडिंग जोन चिन्हित किया जाता है और न ही यातायात प्रबंधन को लेकर कोई ठोस योजना बनाई जाती है। समय रहते व्यवस्थित नीति नही बनाने का खामियाजा अब शहर के स्थायी व्यापारियों, ग्रामीण विक्रेताओं और आम जनता तीनों को भुगतना पड़ रहा है। यदि नगर निगम पहले से ही ग्रामीण विक्रेताओं के लिए कोई वैकल्पिक स्थान (जैसे हाट-मैदान या चिन्हित वेंडिंग जोन) तय कर दे, तो मार्ग पर जाम की स्थिति भी नहीं बनेगी और छोटे-बड़े सभी व्यापारियों को दिक्कते भी नही होगी।