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'चंद लाइक्स के लिए आस्था से खिलवाड़', मां काली का रूप धर मोमोज खाने पर फंसीं यूट्यूबर नीतू बिष्ट, FIR की मांग

Posted on: 2026-10-15
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'चंद लाइक्स के लिए आस्था से खिलवाड़', मां काली का रूप धर मोमोज खाने पर फंसीं यूट्यूबर नीतू बिष्ट, FIR की मांग

सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने और चंद लाइक्स के लिए धार्मिक आस्था से खिलवाड़ करने के आरोपों को लेकर यूट्यूबर नीतू बिष्ट विवादों में घिर गई हैं। मां काली का रूप धारण कर मोमोज खाते हुए वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने इस वीडियो को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए नाराजगी जाहिर की है। वहीं, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इस मामले में नीतू बिष्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी उठाई है। विवाद के केंद्र में यह सवाल है कि क्या सोशल मीडिया पर व्यूज, लाइक्स और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल इस तरह किया जाना चाहिए। मां काली हिंदू धर्म में शक्ति, साहस और बुराई पर विजय की प्रतीक मानी जाती हैं। ऐसे में उनके स्वरूप को लेकर बनाए गए किसी भी कंटेंट पर लोगों की धार्मिक भावनाएं जुड़ी हो सकती हैं। वीडियो को लेकर नाराजगी जताने वाले यूजर्स का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े प्रतीकों का इस्तेमाल मनोरंजन के नाम पर करते समय मर्यादा और संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाना चाहिए। उनका मानना है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की होड़ में ऐसी सामग्री बनाना उचित नहीं है, जिससे किसी समुदाय की भावनाएं आहत होने की आशंका हो। दूसरी ओर, इस विवाद ने सोशल मीडिया कंटेंट की सीमाओं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर क्रिएटर्स अक्सर अलग-अलग अंदाज में वीडियो बनाकर दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करते हैं, लेकिन धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर कंटेंट बनाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। फिलहाल, इस मामले में नीतू बिष्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने या पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि के बिना किसी कानूनी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। सोशल मीडिया पर उठ रही मांगों के बीच यह विवाद एक बार फिर याद दिलाता है कि डिजिटल लोकप्रियता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। किसी भी वीडियो को वायरल करने से पहले उसके संभावित सामाजिक और धार्मिक प्रभावों पर विचार करना जरूरी है। अब देखना होगा कि इस विवाद पर नीतू बिष्ट की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई कदम उठाया जाता है या नहीं।

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