केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने गुरुवार को नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि में तीसरी अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी संगोष्ठी 2026 का उद्घाटन किया। भारत 6जी अलायंस (बी6जीए) की ओर से आयोजित इस संगोष्ठी में अगली पीढ़ी की संचार प्रौद्योगिकियों और भारत की 6जी महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए वैश्विक सहयोग पर जोर दिया गया। इस अवसर पर भारत 6जी अलायंस ने 6जी प्रौद्योगिकी से जुड़े पांच नए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया और नौ कार्य समूहों के श्वेत पत्र जारी किए। इसके साथ ही नई दिल्ली 6जी घोषणापत्र के सिद्धांतों की दिशा में एक साल की प्रगति पर संयुक्त रिपोर्ट भी जारी की गई।
वैश्विक सहयोग के लिए साझा मंच
संगोष्ठी में नीति निर्माताओं, वैश्विक प्रौद्योगिकी संगठनों, दूरसंचार ऑपरेटरों, उद्योग जगत, शिक्षाविदों, अनुसंधान संस्थानों और दुनिया भर के अन्य हितधारकों को एक मंच पर लाया गया है। इसका उद्देश्य अगली पीढ़ी की संचार प्रौद्योगिकियों के विकास, अनुसंधान, नवाचार, मानकीकरण और कार्यान्वयन के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाना है। यह पहल वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, स्वदेशी और विश्वसनीय 6जी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पांच वैश्विक संस्थाओं के साथ समझौते
उद्घाटन समारोह के दौरान भारत 6जी अलायंस ने जीएसएमए, वन6जी एसोसिएशन, जीटीआई एलायंस लिमिटेड, 6जी इंडस्ट्री फोरम (6जीआईएफ) और वॉइस (आवाज) के साथ पांच नए समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया। इन सहयोगों से वैश्विक और उद्योग जगत के प्रमुख हितधारकों के साथ भारत 6जी अलायंस की साझेदारी और मजबूत होगी।
अनुसंधान और मानकीकरण पर जोर
नए समझौते अगली पीढ़ी के नेटवर्क के लिए अनुसंधान, नवाचार, मानकीकरण, प्रौद्योगिकी विकास और उसके कार्यान्वयन में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देंगे। इनके जरिए भारत 6जी अलायंस वैश्विक स्तर पर 6जी तकनीक के विकास और मानकों को आकार देने में अपनी भागीदारी को और मजबूत करेगा।
17 साझेदारियों का व्यापक नेटवर्क
नए सहयोगों के साथ भारत 6जी अलायंस अपनी मौजूदा अंतरराष्ट्रीय और घरेलू साझेदारियों का भी विस्तार कर रहा है। अलायंस के पास पहले से 10 वैश्विक और दो घरेलू एमओयू/एमओआई साझेदार हैं। नए सहयोगों के साथ इसका व्यापक साझेदारी नेटवर्क 17 सहयोगियों तक पहुंच गया है।
नौ नए श्वेत पत्र जारी
भारत 6जी अलायंस ने नौ कार्य समूहों के श्वेत पत्र भी जारी किए। इनमें भारत में अनुसंधान एवं विकास, प्लेटफॉर्म और परीक्षणों के लिए 6जी प्रौद्योगिकी परिदृश्य एवं रोडमैप, 6जी के लिए इंटीग्रेटेड सेंसिंग एंड कम्युनिकेशन (आईएसएसी), फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस, 6जी के लिए ऑप्टिकल टेक्नोलॉजी की भूमिका और 2030 तथा उसके बाद के लिए आईएमटी स्पेक्ट्रम की तैयारी जैसे विषय शामिल हैं।
सस्टेनेबल नेटवर्क और सुरक्षा पर फोकस
श्वेत पत्रों में सस्टेनेबल 6जी, कार्बन नेट जीरो भविष्य के लिए नेटवर्क डिजाइन, सेलुलर और वाई-फाई सिनर्जी, कैप्टिव नॉन-पब्लिक नेटवर्क (सीएनपीएन) और 6जी सुरक्षा जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है। ये दस्तावेज भारत के उद्योग जगत, शिक्षाविदों, अनुसंधान संस्थानों और प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र के सामूहिक तकनीकी योगदान को सामने रखते हैं।
6जी के तकनीकी और नीतिगत पहलुओं पर मंथन
जारी किए गए प्रकाशनों में प्रौद्योगिकी विकास और परीक्षण, स्पेक्ट्रम तैयारी, सेंसिंग एवं कम्युनिकेशन, ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, ऑप्टिकल प्रौद्योगिकी, सस्टेनेबिलिटी, एंटरप्राइज नेटवर्क, वाई-फाई और सेलुलर नेटवर्क के बीच समन्वय तथा सुरक्षा जैसे 6जी के महत्वपूर्ण तकनीकी और नीतिगत आयामों पर चर्चा की गई है।
नई दिल्ली घोषणापत्र पर एक साल की प्रगति
उद्घाटन समारोह में ‘नई दिल्ली घोषणा के 6जी सिद्धांतों की दिशा में प्रगति: कार्रवाई, परिणाम और दृष्टिकोण- पहला संस्करण, अक्टूबर 2026’ शीर्षक से संयुक्त रिपोर्ट भी जारी की गई। यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी संगोष्ठी 2025 में नई दिल्ली घोषणा को मंजूरी मिलने के एक साल पूरे होने के अवसर पर जारी की गई है।
सुरक्षित और समावेशी 6जी का साझा ढांचा
नई दिल्ली घोषणा 6जी को सुरक्षित, अनुकूल, खुला, अंतरसंचालनीय, समावेशी और स्थायी प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित करने के लिए साझा ढांचा उपलब्ध कराती है। इसमें अनुसंधान, नवाचार और मानकीकरण के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर विशेष जोर दिया गया है।
साझेदारों के प्रयासों का आकलन
प्रगति रिपोर्ट में घोषणा के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने की दिशा में भागीदारों की ओर से की गई प्रगति, उठाए गए कदमों और हासिल परिणामों को रेखांकित किया गया है। यह रिपोर्ट भागीदारों के सामूहिक प्रयासों का आकलन करने और भविष्य में इन सिद्धांतों को लागू करने के लिए सहयोग की संभावनाओं की पहचान करने का माध्यम भी है।
वैश्विक 6जी पारिस्थितिकी तंत्र में भारत की बढ़ती भूमिका
संगोष्ठी में घोषित पहलों से 6जी के तकनीकी, मानकीकरण और पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े विभिन्न आयामों में भारत 6जी अलायंस की भूमिका और मजबूत हुई है। अलायंस उद्योग जगत, शिक्षाविदों, अनुसंधान संस्थानों और सरकारी हितधारकों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के साथ वैश्विक मानकीकरण, प्रौद्योगिकी विकास, परीक्षण, बौद्धिक संपदा निर्माण और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी में भारत की भागीदारी को आगे बढ़ा रहा है।
7 से 9 अक्टूबर तक यशोभूमि में संगोष्ठी
नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि में 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक आयोजित तीसरी अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी संगोष्ठी में ग्लोबल 6जी विजन, मानक एवं तकनीकी नेतृत्व, ट्रायल्स और टेस्टबेड्स, एआई-नेटिव एवं सस्टेनेबल नेटवर्क, स्पेक्ट्रम, उद्योग अनुप्रयोग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की जा रही है।
सुरक्षित और इंटरऑपरेबल 6जी इकोसिस्टम का लक्ष्य
भारत 6जी अलायंस अपने सदस्यों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर सुरक्षित, समावेशी, स्थायी और वैश्विक स्तर पर इंटरऑपरेबल 6जी इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। इन पहलों से अगली पीढ़ी की दूरसंचार प्रौद्योगिकी के वैश्विक विकास में भारत के योगदान और भूमिका को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।