फ्लाईदुबई की उड़ान में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी सह-पायलट हमाम अल-हमामी की पुरानी नौकरियों और पृष्ठभूमि ने जांच को नया मोड़ दे दिया है. अलग-अलग रिपोर्टों में उसके करियर के दौरान कई संदिग्ध संकेत सामने आने का दावा किया गया है. इसके बाद अब उसकी भर्ती और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
रिपोर्टों के मुताबिक, हमाम अल-हमामी
ने अपने विमानन करियर की शुरुआत ओमान एयर से की थी. वह करीब सात साल तक इस एयरलाइन
से जुड़ा रहा. सीबीएस न्यूज ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि प्रशिक्षण के
दौरान ओमान सरकार की निगरानी में उसके कट्टरपंथी वेबसाइट देखने की जानकारी सामने
आई थी. इसके बाद ओमान एयर ने उसे सक्रिय उड़ान ड्यूटी से हटाकर कार्यालय के काम
में लगा दिया था.
रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान
ड्यूटी से हटाए जाने के बाद अल-हमामी ने ओमान एयर छोड़ दी. एक रिपोर्ट में उसके
करीब 2024 में इस्तीफा देने की बात कही गई है, जबकि उसके नाम से जुड़े लिंक्डइन प्रोफाइल में ओमान एयर में नौकरी फरवरी 2025
तक दिखाई गई थी. अलग-अलग रिपोर्टों में सामने आई यह अलग समयसीमा भी
जांच के दौरान अहम हो सकती है.
अल अरबिया इंग्लिश ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि अल-हमामी
को ओमान में पहले भी उड़ान भरने से रोका गया था. इसकी वजह उसके कथित चरमपंथी
विचारों (कट्टर विचारधारा) को लेकर चिंता बताई गई. रिपोर्ट में दावा किया गया कि
इन विचारों पर उसके पहले सीरिया में रहने का असर पड़ा था. सूत्रों के मुताबिक, उसकी मां सीरियाई मूल की हैं और पिता ओमानी हैं. हालांकि ओमान सरकार ने
उसकी नागरिकता और पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़ी इन जानकारियों की सार्वजनिक रूप से
पुष्टि नहीं की है.
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान एयर
छोड़ने के बाद अल-हमामी ने मोरक्को की राष्ट्रीय विमानन कंपनी रॉयल एयर मारोक में
भी काम किया. उसके लिंक्डइन प्रोफाइल में जून 2025 से जनवरी 2026
तक वहां नौकरी करने का जिक्र था. सबसे अहम बात यह है कि उसी
लिंक्डइन प्रोफाइल पर फ्लाईदुबई में नौकरी का कोई उल्लेख नहीं था. वहीं एक इजराइली
अधिकारी के हवाले से सीएनएन ने बताया कि घटना से पहले वह करीब आठ महीने से
फ्लाईदुबई के साथ काम कर रहा था.
अब सबसे बड़ा सवाल उसकी में नियुक्ति को लेकर उठ रहा है. सीबीएस
न्यूज ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि दुबई जाने के बाद अल-हमामी को
फ्लाईदुबई ने नौकरी दी, लेकिन उसकी नियुक्ति से पहले ओमानी अधिकारियों के
जरिए कोई औपचारिक पृष्ठभूमि सत्यापन नहीं किया गया था. अगर यह दावा सही साबित होता
है, तो पायलटों की भर्ती और विमानन सुरक्षा जांच की
प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं.
जांच में आरोपी की सोशल मीडिया और लिंक्डइन गतिविधियों पर भी नजर
रखी जा रही है. सीएनएन के मुताबिक, घटना के
करीब नौ घंटे बाद उसके लिंक्डइन खाते पर दो पोस्ट दिखाई दिए. एक पोस्ट में बोइंग 737
मैक्स के कॉकपिट का वीडियो था. सीएनएन के मुताबिक, वीडियो को दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का बताया गया और उसमें इजराइली
विमानन कंपनी एल अल के विमान पर कैमरा जूम करता दिखाई दिया. वीडियो के आखिर में
अल-कायदा नेता अयमान अल-जवाहिरी और 2009 के आत्मघाती हमले से
जुड़े हुमाम खलील अबू-मुलाल अल-बलावी की तस्वीरें दिखाई गईं. हालांकि यह साफ नहीं
है कि ये पोस्ट खुद अल-हमामी ने किए थे या पहले से तय समय पर अपने आप प्रकाशित
हुए.
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही
उड़ान में अल-हमामी पर कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने का आरोप है. जांच
एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह हमला विमान को जानबूझकर
दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश थी. संघर्ष के दौरान विमान करीब दो मिनट में लगभग 16,000
फीट नीचे आ गया. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित
कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे. इसके बाद चालक दल और यात्रियों ने आरोपी को
काबू किया. दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी विमान को संभालने में मदद की.
हालात काबू में आने के बाद विमान को सऊदी अरब के ताबूक की ओर मोड़ा
गया. वहां विमान की सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई और सभी यात्री सुरक्षित बाहर
निकल गए. अब जांच का दायरा सिर्फ हमले तक सीमित नहीं है. आरोपी के पुराने करियर
रिकॉर्ड, उड़ान से हटाए जाने की रिपोर्ट, कट्टरपंथी वेबसाइट देखने के संकेत, रॉयल एयर मारोक
में नौकरी और फिर फ्लाईदुबई में नियुक्ति- इन सभी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही
है.