भोपाल, 01 अक्टूबर ‘सेवा संकल्प अभियान\' के अंतर्गत केंद्रीय गृह मंत्री शाह आगामी 03 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के प्रवास पर भोपाल आएंगे। वे यहां भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित ‘राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन\' में शामिल होकर उत्कृष्ट कार्य करने वाली गोपालक दीदियों को सम्मानित करेंगे। साथ ही \'डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना\' के स्वीकृति पत्रों का वितरण करेंगे। इसके साथ ही वे प्रदेशवासियों को डेयरी प्रसंस्करण, दुग्ध संयंत्र और गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात देंगे।
जनसम्पर्क अधिकारी सुनील वर्मा ने गुरुवार को बताया कि सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री शाह 255 करोड़ रुपये की लागत से उज्जैन में बनने वाले नए डेयरी प्लांट का भूमिपूजन करेंगे। इसके अतिरिक्त, 16.80 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और एमपी स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन भोपाल में ‘नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट\' के तहत 12.40 करोड़ रुपये की लागत से बनी अत्याधुनिक प्रयोगशाला एंव मिनी डेयरी संयंत्र शिवपुरी का शुभारंभ किया जाएगा। कार्यक्रम में भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ के दुग्ध उत्पादकों को लगभग 12 करोड़ रुपये की बोनस राशि वितरित की जाएगी तथा ‘कृषक कल्याण वर्ष\' के अंतर्गत पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा विशेष प्रदर्शनी भी लगायी जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा पंजीकृत एवं संचालित गौशालाओं में संरक्षित गोवंश के रखरखाव एवं भरण-पोषण के लिए माह जुलाई और अगस्त 2026 की 101 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि ऑनलाइन डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में हस्तांतरित की जाएगी। यह राशि गौशालाओं में दर्ज गोवंश के समुचित व्यवस्थापन, आहार एवं भरण-पोषण के लिए दी जाती है। राज्य सरकार द्वारा पंजीकृत एवं संचालित गौशालाओं में संरक्षित गोवंश के लिए 40 रुपये प्रति गोवंश प्रतिदिन की दर से अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाती है।
महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा संबल
जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, लखपति गोपालक दीदी योजना पशुपालन से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। बेहतर आनुवंशिक क्षमता वाले पशुओं के माध्यम से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, अतिरिक्त आय के अवसर और पशुपालन की उत्पादकता बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। योजना का उद्देश्य पशुपालन को केवल पारंपरिक आजीविका तक सीमित न रखते हुए इसे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और समृद्धि का माध्यम बनाना है।
प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण महिलाओं को पशुपालन के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से ‘लखपति गोपालक दीदी योजना’ का संचालन किया जा रहा है। “शून्य पूंजीगत निवेश, अधिकतम आनुवंशिक एवं आर्थिक लाभ” के मूल मंत्र पर आधारित इस योजना से प्रदेश की 2 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। योजना के तहत अवर्णित (नॉन-डिस्क्रिप्ट) नस्ल की गायों और भैंसों मंप उच्च नस्ल के सीमन से कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पशुपालकों को बिना अतिरिक्त खर्च के बेहतर आनुवंशिक क्षमता वाले पशु प्राप्त हो रहे हैं।