बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रायज़ेनकोव आज सुबह नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पहुंचे। भारत और बेलारूस के बीच सौहार्दपूर्ण और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, जो द्विपक्षीय और बहुपक्षीय क्षेत्रों में व्यापक सहयोग से स्पष्ट हैं।
आज सुबह विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि उनकी यह यात्रा साझा प्रगति और समृद्धि के लिए स्वास्थ्य संबंधी मामलों में वैश्विक सहयोग के महत्व को रेखांकित करती है।
नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए विभिन्न देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के शीर्ष प्रतिनिधियों का भारत पहुंचना शुरू हो गया है। इसी क्रम में बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रायज़ेनकोव आज सुबह नई दिल्ली पहुंचे। उनके आगमन को भारत और बेलारूस के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत और बेलारूस के बीच लंबे समय से सौहार्दपूर्ण और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं, जो राजनीतिक, आर्थिक, व्यापारिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग के माध्यम से लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देश विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर भी एक-दूसरे के साथ सहयोग करते रहे हैं। बेलारूस के विदेश मंत्री की शिखर सम्मेलन में भागीदारी से वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श के साथ-साथ भारत और बेलारूस के बीच आपसी सहयोग को और आगे बढ़ाने के अवसर मिलने की उम्मीद है। ब्रिक्स मंच उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच संवाद, आर्थिक सहयोग और वैश्विक शासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर समन्वय का प्रमुख मंच बनता जा रहा है। ऐसे में बेलारूस की भागीदारी इस समूह के साथ उसके बढ़ते जुड़ाव को भी दर्शाती है।
वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस भी आज सुबह 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे। उनके आगमन से शिखर सम्मेलन के एजेंडे में वैश्विक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के महत्व को रेखांकित किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, उनकी यात्रा साझा प्रगति और समृद्धि के लिए स्वास्थ्य संबंधी मामलों में वैश्विक सहयोग के महत्व को दर्शाती है। हाल के वर्षों में महामारी की रोकथाम, सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने, आवश्यक दवाओं और स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच तथा भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया है। ऐसे समय में डब्ल्यूएचओ के प्रमुख की ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में मौजूदगी स्वास्थ्य क्षेत्र में बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शिखर सम्मेलन में वैश्विक स्वास्थ्य, सतत विकास, आर्थिक सहयोग और साझा चुनौतियों से निपटने जैसे विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। बेलारूस के विदेश मंत्री और डब्ल्यूएचओ महानिदेशक की नई दिल्ली यात्रा इस बात को भी दर्शाती है कि ब्रिक्स मंच केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहकर वैश्विक महत्व के व्यापक मुद्दों पर संवाद और साझेदारी का माध्यम बन रहा है। भारत की मेजबानी में होने वाला यह सम्मेलन विभिन्न देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को साझा हितों पर विचार-विमर्श करने तथा वैश्विक सहयोग को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है।