इम्यूनिटी बढ़ाने वाला खाना खाएं- बारिश के दौरान स्ट्रीट फूड लोगों को अच्छा लगता है, लेकिन ये खाना खराब होने का खतरा भी कहीं ज्यादा होता है। ऐसे में
डायबिटीज के रोगियों को संक्रमण को रोकना कठिन हो सकता है। खाने में घर की बनी
चीजें, एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर चीजें, पकी सब्जियां, खाएं। फल सब्जियों को अच्छी तरह धोकर खाएं।
पैरों की खास देखभाल करें- मधुमेह पीड़ितों को इस समय अपने पैरों की खास देखभाल करनी चाहिए।
पैर गीले होने पर फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। इस मौसम में चोट लगने से भी
बचाएं। पैरों को सूखा रखें। गीले सॉक्स न पहनें। पैरों के नाखून साफ और कटे हुए
रखें। नंगे पैर चलने से बचें। आरामदायक जूते ही चुनें।
नियमित
रूप से ब्लड शुगर की जांच- मानसून में नियमित रूप से अपने ब्लड
शुगर की जांच रखें। खाने, व्यायाम
या तनाव के स्तर में ग्लूकोज लेवल प्रभावित कर सकता है। मौसम में नमी और तापमान
में परिवर्तन भी इंसुलिन संवेदनशीलता को प्रभावित कर सकते हैं। जिससे ब्लड शुगर कम
या ज्यादा हो सकता है। इसलिए समय समय पर ब्लड शुगर की जांच करते रहें।
घर में
कोई न कोई व्यायाम करें- इस मौसम में भी अपनी फिटनेस दिनचर्या
को कम न होने दें, भले ही
आपको घर के अंदर ही क्यों न व्यायाम करना पड़े। बारिश न हो तो बाहर जाकर वॉक करें।
घर के अंदर लो इंटेंसिटि वाली एक्सरसाइज कर सकते हैं। जैसे 30 मिनट की
छोटी कसरत या घर के अंदर रोजाना सुबह की वॉक कर लें इससे ब्लड शुगर मेंटेन रहेगा।