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क्या है 3-3-3 वॉकिंग फॉर्मूला? क्या वाकई इससे घटता है वजन

Posted on: 2026-07-22
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क्या है 3-3-3 वॉकिंग फॉर्मूला? क्या वाकई इससे घटता है वजन

वजन घटाने के लिए लोग इन दिनों कई तरह के उपाय अपना रहे हैं। ऐसे में इस बीच 3-3-3 वॉकिंग फॉर्मूला काफी पॉपुलर हो रहा है। इसे वजन घटाने में ज्यादा कारगर माना जा रहा है। चलिए जानते हैं क्या है 3-3-3 वॉकिंग फॉर्मूला।

क्या है 3-3-3 वॉकिंग फॉर्मूला?  

3-3-3 वॉकिंग फॉर्मूला दरअसल इंटरवल वॉकिंग का ही एक रूप है। इसमें आपको एक ही रफ्तार में चलने के बजाय अपनी रफ्तार को समय-समय पर बदलना होता है। इस वॉकिंग फॉर्मूला में आप 3 मिनट सामान्य या धीमी रफ्तार से वॉक करते हैं। इसमें आराम से टहलें ताकि हार्ट रेट नॉर्मल रहे। इसके बाद 3 मिनट तेज़ वॉक करें। इसमें अपनी रफ्तार बढ़ाएं, बांहों को चलाएं और इतनी तेज़ चलें कि सांस थोड़ी फूले।  फिर इसी प्रक्रिया को 3 से 5 बार दोहराएं। 

क्या वाकई इससे घटता है वजन?

नॉर्मल वॉकिंग की तुलना में 3-3-3 फॉर्मूला वजन घटाने में ज्यादा कारगर साबित होता है। जब आप धीमी और तेज़ गति के बीच बदलाव करते हैं, तो शरीर को अधिक एनर्जी लगानी पड़ती है। इससे नॉर्मल वॉक के मुकाबले ज्यादा कैलोरी बर्न होती है। हाई और लो इंटेंसिटी का यह कॉम्बिनेशन मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करता है। लगातार भागने या जिम जाने की तुलना में 18-30 मिनट की यह वॉक जोड़ों पर दबाव नहीं डालती, जिससे इसे लंबे समय तक कर पाना आसान होता है। 

3-3-3 वॉकिंग क्यों बेहतर मानी जाती है?
कार्डियो सेहत और स्टैमिना: जब आप 3 मिनट तेज़ चलते हैं, तो आपकी धड़कन बढ़ती है जिससे दिल की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। अगले 3 मिनट धीमा चलने से रिकवरी का समय मिलता है।

मेटाबॉलिज्म और वजन नियंत्रण: रफ्तार बदलने के कारण शरीर को प्लेटो में जाने का मौका नहीं मिलता। यह आफ्टरबर्न इफेक्ट को बढ़ावा देती है, जिससे वॉक के बाद भी कैलोरी बर्न होती रहती है।

ब्लड शुगर और बीपी नियंत्रण: शोध के अनुसार, नॉर्मल वॉक की तुलना में इंटरवल वॉकिंग इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने और बीपी को कंट्रोल करने में मददगार है।

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