स्टॉक मार्केट में देवसन कैटेलिस्ट की जबरदस्त शुरुआत, आईपीओ निवेशकों को हुआ बंपर मुनाफा
Posted on:
2026-07-16
स्टॉक मार्केट में देवसन कैटेलिस्ट की जबरदस्त शुरुआत, आईपीओ निवेशकों को हुआ बंपर मुनाफा
नई दिल्ली, 16 जुलाई । औद्योगिक इस्तेमाल के लिए कैटेलिस्ट और सेरेमिक बॉल का उत्पादन करने वाली कंपनी देवसन कैटेलिस्ट के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने जबरदस्त मजबूती के साथ एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 118 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 66.23 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 196.15 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली के चक्कर में हुई बिकवाली के कारण थोड़ी देर में ही ये शेयर गिर कर 186.35 रुपये के अपर सर्किट लेवल पर पहुंच गए। इसके बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर न केवल लोअर सर्किट ब्रेक किया, बल्कि इस शेयर को 205.95 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंचा दिया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 87.95 रुपये यानी 74.53 प्रतिशत का फायदा हो गया। कंपनी के आईपीओ में 1,200 शेयर का एक लॉट था। इस तरह आईपीओ निवेशकों को प्रति लॉट 1,05,540 रुपये का मुनाफा हो गया है।
देवसन कैटेलिस्ट का 42.34 करोड़ रुपये का आईपीओ 9 से 13 जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 220.35 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 168.56 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 261.22 गुना सब्सक्रिप्शन आया था, जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 244.08 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 35.88 लाख शेयर जारी किए गए हैं। इनमें 33.38 लाख नए शेयर जारी हुए हैं, जबकि 2.5 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
देवसन कैटेलिस्ट की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 4.08 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 7.67 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 12.52 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 43.75 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 53.54 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में मामूली तेजी आई। इस साल कंपनी को 56.84 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में इस दौरान गिरावट आई, जिससे ये कंपनी फिलहाल कर्ज मुक्त हो गई है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 4.17 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 2.78 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले साल यानी पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी पूरी तरह से कर्ज के बोझ से मुक्त हो गई।
इस अवधि में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 13.06 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 20.73 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 23.25 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था। इस दौरान कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 13.36 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 20.98 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में भी कंपनी के नेटवर्थ ने छलांग लगाई। इस वित्त वर्ष के अंत तक कंपनी का नेटवर्थ उछल कर 33.50 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह कंपनी की ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 6.69 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो 2024-25 में बढ़ कर 10.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी की ईबीआईटीडीए उछल कर 16.76 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई थी।