हैदराबाद, 13 जुलाई । भारत की अध्यक्षता में तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में तीसरी ब्रिक्स रोजगार कार्य समूह (ईडब्ल्यूजी) की दो दिवसीय बैठक सोमवार से शुरू हुई। बैठक में सामाजिक सुरक्षा, श्रम बाजार के औपचारिककरण, महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी, रोजगार क्षमता एवं कौशल विकास तथा भविष्य के लिए तैयार श्रम बाजारों के लिए डिजिटल नवाचार जैसे प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
बैठक का औपचारिक उद्घाटन श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव वंदना गुरनानी ने वर्चुअल माध्यम से किया। उद्घाटन सत्र में ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ), अंतरराष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ (आईएसएसए) और संयुक्त राष्ट्र रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर कार्यालय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
अपने संबोधन में वंदना गुरनानी ने \'ब्रिक्स कनेक्ट\' (ब्रिक्स सहयोग नेटवर्क फॉर कैपेसिटी बिल्डिंग, एम्प्लॉयबिलिटी एंड न्यू स्किल्स एंड टेक्नोलॉजीज) पहल पर बनी सामूहिक सहमति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह मंच ब्रिक्स देशों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण तथा नई तकनीकों के अनुरूप कार्यबल को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बैठक के दौरान तैयार किए जा रहे अंतिम ईडब्ल्यूजी घोषणापत्र में चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इनमें श्रम बाजार का औपचारिककरण, डिजिटल नवाचार को बढ़ावा, महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ाना तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास शामिल हैं।
यह कार्य समूह आगामी 12वीं ब्रिक्स श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक के लिए नीतिगत ढांचे और एजेंडे को अंतिम रूप देने का कार्य भी कर रहा है। मंत्रिस्तरीय बैठक 15 और 16 जुलाई को हैदराबाद में आयोजित होगी, जिसमें सदस्य देशों के श्रम एवं रोजगार मंत्री भाग लेंगे।
सरकारी बैठकों के समानांतर हैदराबाद में 14 जुलाई से शुरू होने वाले ब्रिक्स ट्रेड यूनियन फोरम (टीयूएफ) शिखर सम्मेलन की मेजबानी भी करेगा। इस सम्मेलन में श्रमिकों के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और श्रम संबंधी जमीनी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, ताकि इन सुझावों को व्यापक ब्रिक्स श्रम एजेंडे और मंत्रिस्तरीय विचार-विमर्श में शामिल किया जा सके।