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दूरसंचार क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय रणनीति पर मंथन, ‘संचार प्रौद्योगिकी कार्य बल’ बनाने का प्रस्ताव

Posted on: 2026-07-11
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दूरसंचार क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय रणनीति पर मंथन, ‘संचार प्रौद्योगिकी कार्य बल’ बनाने का प्रस्ताव

 भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद की अध्यक्षता मे सशक्त प्रौद्योगिकी समूह (ईटीजी) द्वारा गठित प्रौद्योगिकी सलाहकार समूह (टीएजी) की चौथी बैठक 10 जुलाई को आयोजित की गई। बैठक में भारत के दूरसंचार क्षेत्र के लिए रणनीतिक योजना तैयार करने और एक समर्पित “संचार प्रौद्योगिकी कार्य बल” के गठन पर चर्चा की गई। साथ ही दूरसंचार क्षेत्र के प्राथमिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों की पहचान, राष्ट्रीय अनुसंधान एवं विकास पहल, मानक विकास, बौद्धिक संपदा निर्माण, उन्नत विनिर्माण और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने पर मंथन हुआ।

स्वदेशी तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर

बैठक में मानक विकास, बौद्धिक संपदा (आईपी), उन्नत विनिर्माण और लचीली रणनीतिक आपूर्ति श्रृंखलाओं के माध्यम से भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की रणनीतियों पर विचार किया गया। इसमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत और दूरसंचार स्टार्टअप के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ है दूरसंचार : प्रो. सूद

प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने कहा कि दूरसंचार प्रौद्योगिकियां भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की नींव हैं, जो डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, औद्योगिक स्वचालन और महत्वपूर्ण अवसंरचना को मजबूती प्रदान करती हैं। उन्होंने अनुसंधान, मानकों, बौद्धिक संपदा, विनिर्माण और व्यावसायीकरण में स्वदेशी क्षमताओं के विकास की आवश्यकता पर बल दिया।

भविष्य के लिए तैयार दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र का विजन

दूरसंचार विभाग के सचिव अमित अग्रवाल ने कहा कि भारत का दूरसंचार क्षेत्र अब पारंपरिक सेवाओं से आगे बढ़कर डेटा सेंटर, गैर-स्थलीय नेटवर्क, अंतरिक्ष आधारित संचार और एआई आधारित नेटवर्क को भी शामिल कर रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित प्रयासों और दीर्घकालिक प्रौद्योगिकी विकास के लिए मजबूत संस्थागत ढांचे की जरूरत बताई। साथ ही डिजिटल भारत निधि योजना को स्वदेशी अनुसंधान और नवाचार के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया।

5जी-एडवांस्ड, 6जी और सैटेलाइट कम्युनिकेशन पर फोकस

दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास कोष (TTDF) के उप महानिदेशक डॉ. पराग अग्रवाल ने 5जी-एडवांस्ड, 6जी, एआई-नेटिव नेटवर्क, ओपन आरएएन, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, क्लाउड-नेटिव नेटवर्क और दूरसंचार सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में स्वदेशी क्षमताओं के विकास पर जोर दिया। उन्होंने वैश्विक मानकीकरण में भारत की भागीदारी बढ़ाने और उन्नत दूरसंचार परीक्षण केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता भी रेखांकित की।

वैश्विक नेतृत्व के लिए मिशन मोड में काम करने की जरूरत

बैठक में विशेषज्ञों ने अगली पीढ़ी की संचार प्रौद्योगिकियों, 6जी अनुसंधान, स्वदेशी मानकों, भारतीय एसईपी, घरेलू चिप डिजाइन और उत्पाद विकास को बढ़ावा देने के लिए मिशन मोड में कार्य करने की आवश्यकता बताई। साथ ही मजबूत परीक्षण केंद्रों, बाजार पहुंच, सरकारी खरीद में घरेलू नवाचार को प्राथमिकता और उत्पाद आधारित प्रोत्साहन तंत्र विकसित करने पर जोर दिया गया।

‘संचार प्रौद्योगिकी कार्य बल’ के गठन का प्रस्ताव

बैठक के समापन पर वैज्ञानिक सचिव डॉ. परविंदर मैनी ने कहा कि दूरसंचार प्रौद्योगिकी मूल्य श्रृंखला में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता मजबूत करने और अनुसंधान से व्यावसायीकरण तक की प्रक्रिया को तेज करने पर व्यापक सहमति बनी। उन्होंने प्रस्तावित “संचार प्रौद्योगिकी कार्य बल” को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के मार्गदर्शन और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र में बेहतर समन्वय स्थापित करने वाला महत्वपूर्ण तंत्र बताया। 

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