नई दिल्ली। विज्ञानियों ने रक्त आधारित प्रोटीन और कोशिकाओं का विश्लेषण करके एक क्रांतिकारी जैविक \'उम्र संकेतक\' विकसित किया है। यह जांच जन्म की तारीख के बजाय यह बताती है कि शरीर के प्रमुख अंग और कोशिकाएं अंदर से कितने बूढ़े हो चुके हैं। इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि 10 वर्षों बाद उस अंग से संबंधित किसी बीमारी का जोखिम कितना है।
