. धमतरी। भखारा थाना क्षेत्र के ग्राम मड़ाईभाठा में एक मतांतरित व्यक्ति के निधन के बाद अंतिम संस्कार को लेकर गांव में विवाद की स्थिति बन गई। शव को गांव में दफनाने की सूचना मिलने पर कुछ संगठनों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। स्थिति को देखते हुए स्थानीय स्तर पर प्रशासन और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, मृतक व्यक्ति ने पहले मतांतरण के बाद अलग धार्मिक परंपरा को अपनाया था। इसी आधार पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग पक्षों में मतभेद सामने आए। एक पक्ष का कहना था कि अंतिम संस्कार संबंधित धार्मिक परंपरा और निर्धारित स्थल पर ही किया जाना चाहिए, जबकि गांव में दफनाने की तैयारी को लेकर आपत्ति जताई गई। मामले की जानकारी मिलते ही भखारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत की और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। इस दौरान गांव में लोगों की भीड़ एकत्र हो गई थी, जिससे तनाव की स्थिति बनी हुई थी। हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। संगठन के सदस्य डाकेश्वर साहू ने कहा कि व्यक्ति ने मतांतरण के बाद अलग धार्मिक पद्धति अपनाई थी, इसलिए अंतिम संस्कार भी उसी धर्म की परंपराओं और निर्धारित स्थल पर किया जाना चाहिए।
उन्होंने इस संबंध में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया। प्रशासन ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास किया। स्थानीय अधिकारियों की मध्यस्थता के बाद सहमति बनी कि शव का अंतिम संस्कार गांव के भीतर न करके ईसाई कब्रिस्तान में किया जाएगा। सहमति बनने के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई। इसके बाद देर शाम मृतक के शव को ईसाई कब्रिस्तान में विधि अनुसार दफनाया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पुलिस बल मौके पर तैनात रहा ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
प्रशासन की निगरानी में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई गई। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से स्थिति बिगड़ने से बच गई और गांव में शांति बनी रही। बाद में सभी पक्षों ने प्रशासन के निर्णय का पालन किया और मामला शांतिपूर्वक समाप्त हो गया। स्थानीय प्रशासन ने भी कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों में आपसी समन्वय और संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाएगा ताकि किसी भी प्रकार का विवाद न बढ़े और सामाजिक सौहार्द बना रहे।