सूरत, 04 जून । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सूरत आगमन से पूर्व शहर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश को आजादी तो वर्षों पहले मिल गई थी, लेकिन स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मिला। केंद्रीय मंत्री ने गुरुवार सुबह भटार-उमराउ नगर क्षेत्र में श्रमदान कर अभियान की शुरुआत की।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री मोदी ने देश की बागडोर संभालने के बाद स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। देशभर में 12 करोड़ से अधिक शौचालयों के निर्माण से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसी भी शहर की यात्रा से पहले वहां स्वच्छता अभियान चलाने पर विशेष जोर देते हैं, जिससे जनजागृति और स्वच्छता दोनों को बढ़ावा मिलता है।
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सूरत महानगरपालिका और भाजपा संगठन द्वारा शहर के लगभग 26 किलोमीटर लंबे मार्ग पर 800 स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। अभियान में जनप्रतिनिधियों, सफाई कर्मचारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही। उन्होंने कहा कि देश को आजादी तो वर्षों पहले मिल गई थी, लेकिन स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मिला। उन्होंने सूरत को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनने पर बधाई देते हुए नागरिकों से इस उपलब्धि को बनाए रखने का आह्वान किया।
चौमासे को ध्यान में रखते हुए सूरत महानगरपालिका ने मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए शहरभर में 900 स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन भी किया है। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए नागरिकों से घर के साथ-साथ मोहल्ले, समाज और पूरे शहर को स्वच्छ रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान का प्रभाव अब बच्चों में भी दिखाई देता है, जो कचरा इधर-उधर फेंकने के बजाय डस्टबिन का उपयोग कर रहे हैं। यह जागरूकता देश को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने की दिशा में सकारात्मक संकेत है।