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India-US अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट पर अगले हफ्ते अहम बातचीत

Posted on: 2026-05-28
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India-US अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट पर अगले हफ्ते अहम बातचीत

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर अगले सप्ताह उच्च स्तरीय बातचीत होने जा रही है। इस बातचीत का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के तहत तैयार किए जा रहे फ्रेमवर्क को आगे बढ़ाते हुए उसके विवरण को अंतिम रूप देना है। यह वही फ्रेमवर्क है, जिसे फरवरी में दोनों देशों ने जारी किया था। United States की ओर से चीफ नेगोशिएटर ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल 1 से 4 जून के बीच भारत का दौरा करेगा।

इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी और आगे की दिशा तय की जाएगी। इस बातचीत को India और अमेरिका के बीच आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दोनों पक्षों का उद्देश्य एक ऐसा अंतरिम समझौता तैयार करना है, जो बड़े और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की नींव रख सके। Ministry of Commerce and Industry (India) द्वारा बुधवार को जारी बयान में कहा गया कि इस वार्ता का फोकस अंतरिम समझौते के विवरण को अंतिम रूप देने पर होगा।

साथ ही, यह चर्चा व्यापक BTA के तहत विभिन्न क्षेत्रों में आगे की प्रगति को भी दिशा देगी। बयान के अनुसार, वार्ता में कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा, जिनमें बाजार पहुंच (मार्केट एक्सेस), गैर-टैरिफ बाधाएं (नॉन-टैरिफ उपाय), सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, निवेश प्रोत्साहन तथा आर्थिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह वार्ता भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए दोनों देश आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और व्यापारिक बाधाओं को कम करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। फरवरी में जारी फ्रेमवर्क के बाद से दोनों देशों के बीच कई स्तरों पर बातचीत जारी है। अब आगामी उच्च स्तरीय बैठक को उस प्रक्रिया का अहम चरण माना जा रहा है, जिसमें ठोस प्रगति की उम्मीद की जा रही है। यदि यह बातचीत सफल रहती है, तो आने वाले समय में दोनों देशों के बीच एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में तेज़ी आ सकती है, जिससे व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति मिलने की संभावना है।


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