अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो आज चार दिवसीय भारत यात्रा पर कोलकाता पहुंचे। यह उनकी पहली भारत यात्रा है, जो वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य व्यापार, रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और हिंद-प्रशांत रणनीति में सहयोग का विस्तार करना है।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हवाई अड्डे पर श्री रुबियो का स्वागत किया। अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि कोलकाता प्रवास के दौरान श्री रुबियो सेंट टेरेसा मिशनरीज ऑफ चैरिटी के मुख्यालय मदर हाउस और शहर के चिल्ड्रन्स होम का दौरा करेंगे।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में श्री गोर ने बताया कि आज बाद में अमेरिकी विदेश मंत्री नई दिल्ली की यात्रा करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। अमेरिकी राजदूत के अनुसार, आगामी मुलाकातों का मुख्य उद्देश्य रक्षा साझेदारी, उन्नत प्रौद्योगिकी, व्यापार संबंध और चतुर्भुज सुरक्षा संवाद (QUAD) ढांचे के तहत सहयोग सहित प्रमुख रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना होगा।
कल, श्री रुबियो विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ वार्ता करेंगे और राष्ट्रीय राजधानी में अमेरिकी दूतावास के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेंगे।
सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री आगरा और जयपुर का दौरा करेंगे और फिर मंगलवार को भारत द्वारा आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए नई दिल्ली लौटेंगे। डॉ. जयशंकर के निमंत्रण पर श्री रुबियो के अलावा, ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी भी बैठक में भाग लेंगे।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के लिए क्वाड के दृष्टिकोण के अनुरूप यह बैठक चल रही पहलों पर हुई प्रगति की समीक्षा करेगी और पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेगी।
भारत रवाना होने से पहले मियामी में मीडिया से बात करते हुए, श्री रुबियो ने भारत को एक महान सहयोगी और साझेदार बताया और कहा कि साथ मिलकर काम करने के लिए बहुत कुछ है।