जगदलपुर, 21 मई । जिले के प्रधान सत्र न्यायाधीश गोविंद नारायण जांगड़े की अदालत ने आज गुरूवार काे हत्या के आरोपित सोनसिंग कश्यप को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) में दोषमुक्त करते हुए धारा 105(2) के तहत दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपित को 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
लोक अभियोजक सपन देंवांगन के अनुसार घटना एक जुलाई 2025 की है। थाना बंडाजी क्षेत्र के ग्राम पोटनार कोटवारपारा में आरोपित सोनसिंग कश्यप ने अपनी पत्नी लच्छनदई के साथ शराब पीने की बात को लेकर विवाद किया। आरोप है कि उसने पत्नी के कंधे और पैर के पुराने घाव वाले हिस्से पर जानबूझकर लात-घूंसों से मार-पीट की, जिससे उसका पैर टूट गया तथा कंधे और छाती में गंभीर अंदरूनी चोटें आईं। आरोपित ने घायल पत्नी का उपचार नहीं कराया, जिससे उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई और आठ दिन बाद उसकी मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डॉक्टर की रिपोर्ट में मृत्यु को हत्यात्मक प्रकृति का बताया गया। मामले में थाना बंडाजी में प्राथमिकी दर्ज कर जांच के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के उपरांत अदालत ने आरोपित को धारा 105(2) के तहत दोषी मानते हुए सजा सुनाई।