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एनटीपीसी लारा के तीसरे चरण को लेकर दाे जून को महलोई में जनसुनवाई , फ्लाई ऐश से ग्रामीणों की बढ़ेगी मुसीबत

Posted on: 2026-05-20
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एनटीपीसी लारा के तीसरे चरण को लेकर दाे जून को महलोई में जनसुनवाई , फ्लाई ऐश से ग्रामीणों की बढ़ेगी मुसीबत

रायगढ़ 20 मई । छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित एनटीपीसी लारा के तीसरे चरण के दो यूनिट की स्थापना के लिए जनसुनवाई की तारीख तय हो गई है। आगामी दो जून को महलोई में जनसुनवाई होनी है। तीसरे चरण के लिए एनटीपीसी लारा करीब 227 हेक्टेयर जमीन अधिगहित करेगी, वहीं तीसरे चरण में बिजली उत्पादन शुरू हो जाने पर बड़ी मात्रा में फ्लाईऐश निकलेगा और वर्तमान से उत्सर्जित फ्लाईऐश से यह करीब 3 गुना से भी ज्यादा हो जाएगा।

एनटीपीसी लारा में वर्तमान में पहले चरण में निर्मित दो यूनिटों से 1600 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है, दूसरे चरण में 800-800 मेगावाट की दो यूनिटों का निर्माण चल रहा है, जिसके बाद क्षमता 3200 मेगावाट हो जाएगी।,दूसरे चरण का काम 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है। एनटीपीसी लारा को तीसरे चरण में करीब 227 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जानी है,जिसमें 212 हेक्टेयर निजी, दो हेक्टेयर सरकारी और 12 हेक्टेयर वन भूमि है। आसपास के गांवों की बेशकीमती जमीनें लेकर ग्रामीणों को नौकरी तक नहीं दी जाएगी, अल्ट्रा क्रिटिकल प्लांट लगाने के नाम पर पुनर्वास के नाम पर फिर से ग्रामीणों को ठगा जाएगा, अपनी जमीन देकर युवा ठेका कंपनियों में नौकरी करेंगे। पूर्व में हुए भू-अर्जन घोटाले की आंच अभी ठंडी नहीं हुई हैं, तीसरे चरण के लिए भी अभी से फिल्डिंग लगाई जा चुकी है। तीसरे चरण के लिए 2 जून को महलोई में जनसुनवाई आयोजित की गई है। आगामी दो जून को महलोई में जनसुनवाई होनी है। दूसरे चरण के दो यूनिटों का काम चल रहा है, तीसरे चरण में दो और यूनिट का निर्माण होगा। छह यूनिट एक साथ चलेंगी ।

फ्लाईऐश की अवैध डंपिंग के दाग महारत्न कंपनी होने के बाद भी फ्लाईऐश की अवैध डंपिंग को लेकर एनटीपीसी लारा बदनाम रही है, लोकल ट्रांसपोर्टर्स के साथ कंपनी के अफसरों की मिलीभगत के कारण फ्लाईऐश की अवैध डंपिंग की लगातार शिकायतें आते रही हैं। वहीं पर्यावरण विभाग ने भी एनटीपीसी लारा पर सबसे अधिक कार्रवाई की है। ऐसे में कंपनी की क्षमता विस्तार के बाद जब फ्लाईऐश 3 गुना ज्यादा निकलेगा तो इसे ठिकाने लगाना सबसे बडी चुनौती होगी।

-लारा से निकल रहा 32 लाख टन फ्लाई ऐश

एनटीपीसी से निकल रहे फ्लाई एश को संभालना अभी मुश्किल हो गया है, वर्तमान में दो इकाइयों से करीब 32 लाख टन ऐश सालाना निकल रहा है, दूसरे और तीसरे चरण के बाद यह एक करोड़ टन को पार कर जाएगा, इसके अलावा एनटीपीसी के एश डाइक में करीब 94 लाख टन ऐश जमा है, जो निराकृत नहीं हो सका है। छह यूनिट एक साथ चलेगी तो आसपास के गांवों में फ्लाई ऐश का जहर फैलेगा। ऐसे में आगामी जनसुनवाई में पर्यावरण और पुनर्वास के मुद्दे प्रमुख रहने की संभावना है।

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