नई दिल्ली: आईपीएल 2026 में सोमवार को
दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के बीच अरुण जेटली
क्रिकेट स्टेडियम में मुकाबला खेला गया। मैच में रनों की बारिश की उम्मीद थी, लेकिन हुआ ठीक इसके उल्टा। बल्लेबाजों
की जगह गेंदबाजों का कहर देखना काफी सुखद रहा। अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम को
बल्लेबाजों को अनुकूल माना जाता है।
25 अप्रैल को
इसी स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के बीच मुकाबला हुआ था। डीसी ने
पहले बल्लेबाजी करते हुए 264 रन बनाए
थे और पंजाब किंग्स ने 18.5 ओवर में
ही 265 रन बनाकर मैच 6 विकेट से जीत लिया। मैच के दौरान दोनों
ही टीमों के गेंदबाज असहाय, निराश और
हताश नजर आए थे। 27 अप्रैल को
अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम का नजारा बिल्कुल अलग था।
बल्लेबाजी के अनुकूल माने जाने वाले और कुछ घंटे
पहले ही रनों की बारिश देखने वाले स्टेडियम में ऐसा लग रहा था कि दिल्ली के
बल्लेबाजों को रन बनाना ही नहीं आता। फिर चाहे अपना डेब्यू कर रहे साहिल पारेख हों
या टी20 फॉर्मेट के सबसे
खतरनाक बल्लेबाज माने जाने वाले ट्रिस्टन स्टब्स और डेविड मिलर। किसी का बल्ला उठ
नहीं रहा था तो कोई गेंद तक नहीं पहुंच पा रहा था।
दिल्ली में सोमवार की शाम को आंधी आई थी, लेकिन अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में
आरसीबी के गेंदबाजों की आंधी थी जिसमें डीसी के बल्लेबाजों का विकेट पेड़ की
पत्तों की तरह झड़ रहा था। भुवनेश्वर कुमार (3 ओवर में 5 रन देकर 3 विकेट) और जोश हेजलवुड (3.3 ओवर में 12 रन देकर 4 विकेट) की तेज रफ्तार वाली गेंद हो या फिर सुयश शर्मा (4 ओवर में 7 रन देकर 1 विकेट) और क्रुणाल पांड्या (2 ओवर 9 रन 1 विकेट) की स्पिन, डीसी के बल्लेबाजों के पल्ले कुछ भी
नहीं पड़ रहा था।2 दिन पहले
पंजाब के गेंदबाजों के सामने शेर की तरह नजर आए डीसी के बल्लेबाज आरसीबी के
गेंदबाजों के सामने सहमी बिल्ली नजर आ रहे थे।