मुंबई: भारतीय बाजार में सोने-चांदी के भाव में जोरदार उछाल आया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के भाव ₹2,000 (1.3%) से
अधिक चढ़कर ₹1,53,699 प्रति 10 ग्राम हो गए। वहीं, चांदी के रेट में ₹4,700 (2%) की
तेजी आई और यह ₹2,49,423 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। दूसरी
ओर इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने की कीमतें बढ़ीं। स्पॉट गोल्ड 0.8% चढ़कर
4,755 डॉलर प्रति औंस से ऊपर पहुंच गया। इससे पिछले सत्र में इसमें 2%
से
अधिक की गिरावट आई थी।
क्या
हैं आज के टिप्स: भारतीय निवेशकों के लिए एमसीएक्स गोल्ड पर ₹1,52,800 –
₹1,51,500 का सपोर्ट और ₹1,54,850 – ₹1,55,500 का रेजिस्टेंस
माना जा रहा है। आज क्यों उछले सोने-चांदी के भाव सीजफायर का असर सोने-चांदी के
भाव में आज की उछाल के पीछे कई कारण हैं। इनमें से एक कारण अमेरिकी राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ संघर्ष विराम को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि जब
तक ईरान कोई नया प्रस्ताव नहीं लाता और बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब
तक और हमले नहीं किए जाएंगे। हालांकि, होर्मूज स्ट्रेट अब भी व्यापार के लिए
बंद है। ईरान ने साफ किया है कि जब तक अमेरिका उसके जहाजों पर अपनी नाकाबंदी जारी
रखेगा, वह इस जलमार्ग को नहीं खोलेगा। यह जलडमरूमध्य दुनिया के 20% तेल
की सप्लाई का रास्ता है।
क्रूड
ऑयल में तेजी, डॉलर में कमजोरी का असर क्रूड तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल
के करीब बने हुए हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। वहीं, अमेरिकी डॉलर
इंडेक्स में 0.1% की गिरावट आई, जिससे सोना दूसरी मुद्राओं वालों के
लिए सस्ता हो गया। कमजोर डॉलर से सोने की कीमतों को आमतौर पर सपोर्ट मिलता है। फेड
के नए चेयरमैन का बयान: ब्याज दरों पर सख्त रुख अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले
अध्यक्ष के लिए नामित केविन वार्श ने सीनेट में कहा कि वह स्वतंत्र रूप से काम
करेंगे। उन्होंने ब्याज दरों में जल्दी कटौती करने के बजाय महंगाई पर नियंत्रण के
लिए नई रूपरेखा बनाने की बात कही। निवेशकों को उम्मीद है कि वार्श ब्याज दरें
धीरे-धीरे कम करेंगे, जिससे सोने पर दबाव बना रह सकता है।
ट्रंप के फैसले का असर ग्लोबल मार्केट यानी कॉमैक्स पर आज सुबह सोने
की कीमत करीब 1 पर्सेंट बढ़कर 4768 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है। इससे
पिछले सेशन में सोने की कीमतों में 2 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट आई थी,
जिससे
निवेशक थोड़े डरे हुए थे। चांदी की बात करें तो एशियाई ट्रेडिंग घंटों के दौरान
चांदी की कीमतों में 1.8 पर्सेंट का सुधार हुआ और यह 77.80
डॉलर
प्रति औंस के लेवल पर पहुंच गई। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से
अब तक सोने की कीमतों में 10 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है,
जबकि
चांदी इस दौरान करीब 17 पर्सेंट तक टूट चुकी है। आज की बढ़त ने निवेशकों को थोड़ी राहत दी
है।
हॉर्मुज
जलडमरूमध्य का संकट बाजार में इस बदलाव की एक बड़ी वजह सप्लाई में आ रही रुकावट भी
है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता अभी भी जहाजों की आवाजाही के लिए बंद है। ईरान
ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक अमेरिका उसके जहाजों पर लगी पाबंदी नहीं हटाता,
तब
तक वह इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को नहीं खोलेगा। इस रास्ते के बंद होने से
पूरी दुनिया में एनर्जी सप्लाई में भारी दिक्कत आ रही है। सप्लाई चेन प्रभावित
होने की वजह से महंगाई बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया है।
यही वजह है कि निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर फिर से सोने की तरफ
रुख कर रहे हैं। फेड रिजर्व और डॉलर का दबाव कीमतों में रिकवरी के बावजूद कुछ ऐसे
फैक्टर भी हैं जो सोने और चांदी पर लगातार दबाव बना रहे हैं। डॉलर इंडेक्स में
पिछले सेशन के दौरान 0.4 पर्सेंट की मजबूती देखी गई है। डॉलर महंगा
होने से सोना उन लोगों के लिए महंगा हो जाता है जो दूसरी करेंसी में निवेश करते
हैं। इसके अलावा फेडरल रिजर्व के अगले संभावित चेयरमैन केविन वारश के एक बयान ने
भी बाजार में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने कहा है कि अगर वे चेयरमैन बनते हैं,
तो
वे पूरी तरह स्वतंत्र होकर काम करेंगे। इसका मतलब है कि सेंट्रल बैंक ब्याज दरों
को ऊंचे लेवल पर रख सकता है, जो सोने जैसे एसेट के लिए अच्छा संकेत
नहीं माना जाता। भारतीय बाजार यानी एमसीएक्स पर सोने और चांदी के रेट में आज थोड़ा
बदलाव देखा गया है। 21 अप्रैल के डेटा के मुताबिक, एमसीएक्स पर सोने का भाव 1,51,698
रुपये
प्रति 10 ग्राम के आसपास था। वहीं चांदी की बात करें तो यह 2,44,916 रुपये
प्रति किलोग्राम के लेवल पर देखी गई। ग्लोबल मार्केट में आई रिकवरी के बाद अब
निवेशकों की नजर आने वाले समय में होने वाली शांति वार्ता पर टिकी है।
ट्रंप ने साफ कर दिया है कि
वे तब तक कोई नया हमला नहीं करेंगे जब तक ईरान की तरफ से कोई नया और ठोस प्रस्ताव
नहीं आ जाता। बड़े बदलाव का इंतजार विश्लेषक अहमद असिरी के अनुसार, बुलियन
मार्केट अब जियो-पॉलिटिकल रिस्क को पचा चुका है। पिछले कुछ हफ्तों में सोने की
कीमतें सीमित दायरे में चल रही हैं। अब बाजार या तो स्थितियों के और बिगड़ने या
फिर मैक्रो इकोनॉमी में बड़े बदलाव का इंतजार कर रहा है।