गर्मियों का मौसम शुरू होते ही तेज तपिश, लू और उमस ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है. बढ़ते तापमान में प्यास लगते ही ज्यादातर लोग कोल्ड ड्रिंक्स या पैक्ड जूस की ओर रुख करते हैं, लेकिन ये सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं. ऐसे में आयुर्वेद में छाछ को गर्मियों का सबसे बेहतरीन प्राकृतिक ड्रिंक माना गया है.
छाछ न सिर्फ पेट की गर्मी को शांत करता है, बल्कि तन और मन दोनों को ठंडक और ताजगी प्रदान करता है. स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ यह कई स्वास्थ्य लाभ भी देता है. छाछ दही को अच्छे से मथकर बनाया जाने वाला हल्का, ठंडा और स्वादिष्ट ड्रिंक है. इसमें पानी की मात्रा अधिक होने के कारण यह शरीर को तुरंत हाइड्रेट करता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है.
छाछ पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और पेट की अंदरूनी गर्मी को शांत करने में कारगर है. दोपहर के भोजन के बाद एक गिलास छाछ पीने से गर्मी के कारण होने वाली गैस, एसिडिटी, चक्कर और अपच जैसी समस्याओं में तुरंत राहत मिलती है. छाछ में प्रोबायोटिक्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं, इससे पेट साफ रहता है, कब्ज दूर होता और पाचन तंत्र मजबूत बनता है.
नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, बाजार के कोल्ड ड्रिंक्स में अत्यधिक चीनी और रासायनिक तत्व होते हैं जो सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं. वहीं छाछ एक पूरी तरह प्राकृतिक और पौष्टिक विकल्प है.
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यह ठंडक देकर पेट की गर्मी कम करता है.
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चेहरे पर कील-मुंहासे और दाग-धब्बों को कम करके निखार लाता है.
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छाछ कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर होने के कारण हड्डियों को मजबूत बनाता है.
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पसीने से होने वाली इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करता है.
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यही नहीं कम कैलोरी होने के कारण वजन नियंत्रण में भी मददगार है.
छाछ बनाना भी बहुत आसान है. ताजी दही को अच्छे से फेंट लें, फिर उसमें साफ पानी मिलाएं. स्वाद के अनुसार सेंधा नमक, भुना जीरा पाउडर, थोड़ी काली मिर्च और कटा हुआ पुदीना डालकर अच्छे से मिलाएं. इसे ठंडा करके पीने से स्वाद और भी बढ़ जाता है. गर्मियों में छाछ को सुबह नाश्ते के साथ, दोपहर के खाने के बाद या जब भी प्यास लगे, पी सकते हैं.