IMG-LOGO

सूर्य की रोशनी से बनेगा खाना, इंडेन स‍िलिंडर देने वाली कंपनी करा रही ‘इंडोर सोलर कुकिंग सिस्‍टम’ की बुकिंग

Posted on: 2026-04-16
IMG
सूर्य की रोशनी से बनेगा खाना, इंडेन स‍िलिंडर देने वाली कंपनी करा रही ‘इंडोर सोलर कुकिंग सिस्‍टम’ की बुकिंग

‘इंडोर सोलर कुकिंग सिस्‍टम’ देश में खाना बनाने का नया व‍िकल्‍प बन सकता है। इंडेन स‍िल‍िंडर ड‍िल‍िवर करने वाली कंपनी इंड‍ियन ऑयल ने सूर्य नूतन (Surya Nutan) की प्री-बुक‍िंग शुरू की है। इस चूल्‍हे पर सौर ऊर्जा से खाना बनाया जाता है। यह ब‍िजली से भी चलता है। 

सिलिंडर और इंडक्‍शन पर खाना बना रहे भारतीयों के लिए कुकिंग का एक नया तरीका पेश कर दिया गया है। देश की दिग्‍गज कंपनी इंडियन ऑयल जो हमारे-आपके घरों तक इंडेन सिलिंडर भी पहुंचाती है, उसने सूर्य नूतन (Surya Nutan) नाम से ‘इंडोर सोलर कुकिंग सिस्‍टम’ को पेश किया है और इसकी प्री-बुकिंग शुरू कर दी है। यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें ना तो ब‍िजली का इस्‍तेमाल होगा और ना ही एलपीजी का। खाना पूरी तरह से सौर ऊर्जा की मदद से बनाया जाएगा। अगर आप इस कुकिंग सिस्‍टम की बुकिंग कराना चाहते हैं तो नीचे बताए गए स्‍टेप्‍स को फॉलो करें।

न्‍यूज वेबसाइट ऑर्गनाइजर की एक रिपोर्ट के अनुसार, सूर्य नूतन को इंडियन ऑयल ने खुद डेवलप किया है। पारंपर‍िक सोलर कुकर को सूर्य की रोशनी में रखकर खाना पकाया जाता है, लेकिन सूर्य नूतन को चलाने के लिए पहले घर की छत पर सोलर पैनल लगाए जाते हैं। उन सोलर पैनलों को एक केबल के माध्‍यम से सीधे किचन में मौजूद कुकटॉप से कनेक्‍ट किया जाता है। इससे कुकटॉप किचन में ही रहता है और उसतक पहुंचने वाली बिजली से खाना पकाया जाता है। खास बात है कि यह सिस्‍टम सौर ऊर्जा के साथ ही ब‍िजली से भी चलता है।

बहुत से लोगों को लगता होगा कि बार‍िश के दिनों में ‘इंडोर सोलर कुकिंग सिस्‍टम’ कामयाब नहीं होते लेकिन सूर्य नूतन के मामले में ऐसा नहीं है। क्‍योंकि यह ब‍िजली से भी चलाया जा सकता है, इसलिए धूप कम होने और सोलर से कम चार्ज होने पर भी इस्‍तेमाल में लाया जा सकता है।

सूर्य नूतन को तीन मॉडलों में बुक कराया जा सकता है। बेस मॉडल की कीमत 12 हजार रुपये से शुरू होती है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रीमियम मॉडल 23 हजार रुपये का है जिसमें 4 लोगों की फैमिली के लिए नाश्‍ते से लेकर दिन का खाना और रात का भोजन बनाया जा सकता है। जानकारी के अनुसार, इंडोर सोलर कुकिंग सिस्‍टम की लोकप्र‍ियता जैसे-जैसे बढ़ेगी, इसकी कीमतों में भी कमी आएगी।






Tags: